CBSE या बिहार बोर्ड: बच्चे के लिए कौन सा बेहतर?
अपडेट: 6 Nov 2026 · Read in English
बिहार में ज़्यादातर अभिभावक CBSE स्कूल और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) वाले स्कूल के बीच चुनते हैं। कोई एक बोर्ड हर बच्चे के लिए "बेहतर" नहीं है। यह पेज असली फर्क समझाता है ताकि आप खुद फैसला कर सकें।
संक्षेप में
| CBSE | बिहार बोर्ड (BSEB) | |
|---|---|---|
| कौन चलाता है | केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, भारत सरकार | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, बिहार सरकार |
| बोर्ड परीक्षा | कक्षा 10 और 12 | कक्षा 10 (मैट्रिक) और 12 (इंटर) |
| सिलेबस | NCERT की किताबें | बिहार बोर्ड की किताबें, कक्षा 9–12 में ज़्यादातर NCERT पर आधारित |
| माध्यम | निजी स्कूलों में ज़्यादातर अंग्रेज़ी; हिंदी की भी अनुमति | ज़्यादातर हिंदी; अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल भी हैं |
| दूसरे राज्य में जाना | आसान: पूरे देश में एक ही सिलेबस | संभव, पर नया स्कूल बच्चे की परीक्षा ले सकता है |
| आम फीस | निजी CBSE स्कूलों में ज़्यादा | कम; सरकारी स्कूल मुफ़्त |
बोर्ड से ज़्यादा ज़रूरी बातें
- स्कूल खुद। अच्छी तरह चलने वाला बिहार बोर्ड स्कूल, खराब चलने वाले CBSE स्कूल से बेहतर है। स्कूल जाएं, शिक्षकों से बात करें, रिज़ल्ट पूछें।
- घर की भाषा। जो बच्चा घर में सिर्फ़ हिंदी बोलता है, उसे शुरुआती कक्षाओं में पूरी तरह अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल में दिक्कत हो सकती है। पूछें कि स्कूल ऐसे बच्चों की मदद कैसे करता है।
- दूरी और सुरक्षा। छोटे बच्चों के लिए रोज़ लंबा बस सफ़र थकाने वाला है। अपने ब्लॉक, शहर या पिन कोड के पास के स्कूल देखें।
- 12 साल का कुल खर्च। सिर्फ़ मासिक फीस नहीं, एडमिशन, सालाना और ट्रांसपोर्ट शुल्क मिलाकर पूरा ब्योरा मांगें।
प्रतियोगी परीक्षाएं (JEE, NEET, CUET)
JEE, NEET और CUET के प्रश्न कक्षा 11 और 12 के NCERT सिलेबस पर आधारित होते हैं। CBSE सीधे NCERT किताबें पढ़ाता है, और बिहार बोर्ड का कक्षा 11–12 का सिलेबस भी ज़्यादातर NCERT से मिलता है। दोनों बोर्ड के छात्र हर साल ये परीक्षाएं पास करते हैं। ज़्यादा फर्क कक्षा 9 से की गई तैयारी से पड़ता है।
"CBSE पैटर्न" का मतलब CBSE नहीं
कुछ स्कूल अपने बोर्ड और पर्चों पर "CBSE पैटर्न" या "CBSE सिलेबस" लिखते हैं। इसका मतलब CBSE मान्यता नहीं है। केवल मान्यता प्राप्त स्कूल ही अपने नाम से बच्चों को CBSE की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में बैठा सकता है। मान्यता संख्या हमेशा सरकारी SARAS पोर्टल पर जांचें: तरीका यहां देखें।
SchoolBihar पर किसी स्कूल को CBSE तभी दिखाया जाता है जब उसकी मान्यता CBSE SARAS रजिस्टर में हो। जो बोर्ड स्कूल ने सिर्फ़ खुद घोषित किया है (जैसे RTE पोर्टल पर), उसे "स्कूल द्वारा घोषित, सत्यापित नहीं" लिखा जाता है।
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